*छत्तीसगढ़ की राजनीति में AAP का बड़ा सियासी दांव! केंद्रीय नेतृत्व का मास्टरस्ट्रोक — 2 नए कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त, अब 3 कार्यकारी अध्यक्ष संभालेंगे जिम्मेदारी*
बिलासपुर, 30 जनवरी 2026।आम आदमी पार्टी (AAP) के केंद्रीय नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा संगठनात्मक कदम उठाते हुए प्रदेश इकाई को नई ताकत और नई दिशा देने का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने 2 नए कार्यकारी प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति कर यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि अब छत्तीसगढ़ में AAP केवल विकल्प नहीं, बल्कि सत्ता की लड़ाई में निर्णायक भूमिका निभाने के इरादे से मैदान में उतर चुकी है। इस बड़े फैसले के तहत उत्तम जायसवाल के साथ देवलाल नरेटी और अभिषेक मिश्रा को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठन के भीतर इस बदलाव को रणनीतिक विस्तार और चुनावी तैयारी का बड़ा कदम माना जा रहा है।
*संगठन विस्तार नहीं, सत्ता की तैयारी का संकेत*:
AAP के नेताओं का कहना है कि यह फैसला सिर्फ पदों की अदला-बदली नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की राजनीति में लंबी लड़ाई की तैयारी का हिस्सा है। प्रदेशभर में पार्टी द्वारा जनमुद्दों को लेकर चलाई जा रही मुहिम, ज़मीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता और लगातार बढ़ते जनसंपर्क कार्यक्रमों को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य इकाई पर भरोसा जताया है।
*जनता के मुद्दों पर आक्रामक मोर्चाबंदी*:
महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों की समस्याएं और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर AAP ने हाल के महीनों में प्रदेशभर में प्रदर्शन, जनसंवाद और संगठनात्मक बैठकें तेज की हैं। पार्टी का दावा है कि उसकी राजनीति का केंद्र जनता की रोज़मर्रा की समस्याएं हैं और आने वाले समय में इन मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव और तेज किया जाएगा।
*सियासी गलियारों में हलचल*:
2 नए कार्यकारी प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद छत्तीसगढ़ के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम पार्टी के भीतर संतुलन बनाने और अलग-अलग क्षेत्रों में संगठन को मजबूती देने की रणनीति का हिस्सा है। इससे न केवल संगठन का दायरा बढ़ेगा, बल्कि आगामी चुनावों को लेकर AAP की तैयारियों को भी गति मिलेगी।
*साधारण और सक्रिय नेताओं की भूमिका पर बढ़ता फोकस*:
पार्टी सूत्रों के अनुसार साधारण और सक्रिय नेताओं की भूमिका को लेकर केंद्रीय नेतृत्व विशेष रूप से सक्रिय है। संगठनात्मक मामलों से लेकर रणनीतिक फैसलों तक, उनकी भागीदारी को और मजबूत किए जाने के संकेत मिल रहे हैं। इसे AAP की लॉन्ग टर्म पॉलिटिकल प्लानिंग के रूप में देखा जा रहा है।
*आने वाले समय में बड़े अभियान की तैयारी*:
AAP ने संकेत दिए हैं कि आने वाले महीनों में प्रदेशभर में राज्यव्यापी जनसंवाद यात्रा, संगठन विस्तार अभियान और मुद्दा आधारित आंदोलन चलाए जाएंगे। पार्टी का लक्ष्य है कि गांव-गांव और शहर-शहर तक अपनी मौजूदगी मजबूत कर जनता से सीधे संवाद स्थापित किया जाए। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि छत्तीसगढ़ की राजनीति अब पुराने ढर्रे से बाहर निकलकर नई सोच और नई विकल्प की ओर बढ़ रही है, और AAP इस बदलाव की अगुवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
*इरफ़ान सिद्दीकी*
*मीडिया प्रभारी*
*आम आदमी पार्टी बिलासपुर छत्तीसगढ़*
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