योरोपीय व्यापार समझौता का स्वागत किया कैट ने।।एम एस एम इ के लिए लाभदायक होगा

*भारत - यूरापीय संघ व्यापार समझौता , भारतीय व्यापार, और MSMEs जगत के लिए नए वैश्विक अवसर खोलेगा - CAIT*

देश के सबसे बड़े व्यापारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय सचिव सतीश सलूजा (राजू), राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र गांधी, बिलासपुर जिलाध्यक्ष हीरानंद जयसिंह, कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष संजय मित्तल , दिलीप खेंडेलवाल , सुरेंद्र अजमानी, संगठन मंत्री परमजीत उबेजा प्रमुख सलाहकार नानक राम खटूजा, डॉ सचिन यादव ,सीए कपिल सचदेव ,उपाध्यक्ष प्रवीण सलूजा, अनिल गुप्ता, श्रीकांत पांडे प्रमोद वर्मा , मंत्री राजेश सैनी, राजेंद्र सिंह, हरदीप होरा, विष्णु गुप्ता , अरविंद वर्मा , मुकेश लालचंदानी, राकेश भागवानी, अनिल राघवानी, सुनील रॉय, सज्जन अग्रवाल, विदुत मंडल,चंदन कनौडिया , संगठन मंत्री व मीडिया प्रभारी परमजीत उबेजा ने संयुक्त रूप से बताया कि भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुआ व्यापार समझौता भारत की वैश्विक आर्थिक सहभागिता में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम है। यह समझौता भारतीय व्यापारियों, MSMEs और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर खोलने वाला साबित होगा। 

बिलासपुर अध्यक्ष हीरानंद जयसिंह ने कहा कि यूरोपीय संघ-जो विश्व के सबसे बड़े आर्थिक समूहों में से एक है - के साथ यह व्यापार समझौता भारतीय वस्तुओं और सेवाओं के लिए बाजार पहुंच को व्यापक बनाएगा और भारत को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से और अधिक मजबूती से जोड़ेगा। इससे भारतीय उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

उन्होंने बताया कि इस समझौते से टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं में कमी आने की संभावना है, जिससे निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्रों में निवेश, तकनीकी सहयोग और नवाचार के नए अवसर उत्पन्न होंगे, जिसका सीधा लाभ रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास के रूप में दिखाई देगा।

हीरानंद जयसिंह ने विशेष रूप से MSMEs की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि यह व्यापार समझौता छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच आसान बनाएगा। इससे वे केवल घरेलू बाजार तक सीमित न रहकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भी सक्रिय भागीदारी कर सकेंगे।

हीरानंद जयसिंह ने बताया कि जिन क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलेग वो निम्नानुसार है :-  
ऽ वस्त्र एवं परिधान, 
ऽ चमड़ा एवं फुटवियर, 
ऽ रत्न एवं आभूषण, 
ऽ ऑटो कंपोनेंट्स, 
ऽ फार्मास्यूटिकल्स, 
ऽ आईटी,  
ऽ इंजीनियरिंग वस्तुएं 
ऽ डिजिटल सेवाएं, 
ऽ कृषि 
ऽ प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद 

सतीश सलूजा (राजू)एवं आशीष अग्रवाल ने कहा कि भारत - EU व्यापार समझौता देश की आर्थिक वृद्धि, निर्यात विस्तार और मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती देने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। आवश्यकता है कि व्यापारियों, विशेषकर MSMEs को इस समझौते के प्रावधानों की जानकारी, प्रशिक्षण और आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए ताकि वे इन अवसरों का अधिकतम लाभ उठा सकें।

हीरानंद जयसिंह ने कहा, “यह व्यापार समझौता केवल बाजार विस्तार का माध्यम नहीं है, बल्कि भारतीय व्यापार को वैश्विक मंच पर मजबूत और आत्मविश्वासी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
धन्यवाद
 
हीरानंद जयसिंह 
अध्यक्ष 
                                                                     मो. 9827108951