N F I T U..R C M C.छेड़ेगी महाआंदोलन पूरे छत्तीसगढ़ में।। डा दीपक जायसवाल

छत्तीसगढ़ सरगुजा जिले के अंतर्गत परसोढीकला में राष्ट्रीय कालरी मजदूर कांग्रेस के बैनर तले आदिवासी समाज का ऐतिहासिक जनआंदोलन
एस.ई.सी.एल. प्रबंधन–पुलिस गठजोड़ से भूमि, जंगल, पर्यावरण एवं मानवाधिकारों पर गंभीर संकट
महापंचायत में डॉ. दीपक जायसवाल का निर्णायक संवाद – आर-पार की चेतावनी
सरगुजा (छत्तीसगढ़), दिनांक : 09/01/2026
सरगुजा अंचल के आदिवासी मूलनिवासी समाज द्वारा आयोजित विशाल महापंचायत में यह स्पष्ट और दो टूक संदेश दिया गया कि आदिवासी समाज न तो हिंसक है और न ही कानूनविहीन, बल्कि वह शांतिपूर्ण, अहिंसक, संवैधानिक, पर्यावरण-संरक्षक और लोकतंत्र में पूर्ण आस्था रखने वाला समाज है।
महापंचायत में भूमि, जंगल, जल, पर्यावरण, स्थानीय रोजगार और मानवाधिकारों पर उत्पन्न गंभीर संकट को लेकर व्यापक आक्रोश और चिंता व्यक्त की गई।
महापंचायत को संबोधित करते हुए एन.एफ.आई.टी.यू. के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दीपक जायसवाल ने एस.ई.सी.एल. प्रबंधन पर सीधा और करारा हमला बोला। हजारों की संख्या में उपस्थित आदिवासी किसानों, भुविस्थापितों और मजदूरों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा —
“एस.ई.सी.एल. प्रबंधन और उसके शीर्ष अधिकारी संविधान, कानून और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों को रौंदते हुए तानाशाही रवैया अपना रहे हैं।
जिनकी नियुक्तियाँ स्वयं सर्वोच्च न्यायालय के सिद्धांतों के विपरीत हैं, उन्हें आदिवासियों की ज़मीन लूटने, निर्दोष किसानों को जेल भिजवाने और महिलाओं पर लाठी चलवाने का कोई नैतिक या कानूनी अधिकार नहीं है।”
डॉ. जायसवाल ने स्पष्ट किया कि एस.ई.सी.एल. की वर्तमान नीतियाँ आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, पेसा कानून, वन अधिकार अधिनियम और पर्यावरणीय न्याय की भावना के विरुद्ध हैं।
स्थानीय आदिवासियों को उनके वैध रोजगार से वंचित कर बाहरी ठेकेदारों और मजदूरों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे सामाजिक असंतुलन और शोषण बढ़ रहा है।
प्रबंधन–पुलिस दमन पर गंभीर आरोप
महापंचायत में यह गंभीर आरोप लगाए गए कि एस.ई.सी.एल. के निदेशक (मानव संसाधन), बिलासपुर द्वारा स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर आदिवासी एवं भू-स्थापित किसानों के विरुद्ध दमनात्मक कार्रवाई कराई गई।
इन कार्रवाइयों में —
किसानों से जबरन भूमि छीना जाना,
निर्दोष आदिवासियों पर झूठे आपराधिक मुकदमे दर्ज करना,
महिलाओं, वृद्धों और किसानों पर लाठीचार्ज,
भय और आतंक का वातावरण बनाना
शामिल है, जिससे पूरा सरगुजा क्षेत्र आक्रोशित है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक आवाज
इन घटनाओं को लेकर आदिवासी एवं भू-स्थापित किसानों तथा हिंद मजदूर किसान पंचायत के पदाधिकारियों ने पंचायत प्रतिनिधि श्री गणेश जायसवाल एवं श्री रंजन गुप्ता के माध्यम से शिकायत तैयार कर लगभग 100 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ दिनांक 16 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के माननीय सदस्य श्री प्रियंक कानूनगो से भेंट की।
माननीय सदस्य महोदय ने तथ्यों को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके बावजूद महापंचायत ने चिंता जताई कि एस.ई.सी.एल. प्रबंधन राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की अवहेलना कर रहा है, जो कानून के शासन और लोकतांत्रिक मूल्यों का खुला उल्लंघन है।
डॉ. दीपक जायसवाल की निर्णायक चेतावनी
डॉ. दीपक जायसवाल ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी —
“यदि अमेरा सहित सरगुजा क्षेत्र के भुविस्थापित आदिवासियों को तत्काल न्याय, सम्मानजनक पुनर्वास और स्थायी रोजगार नहीं मिला, तो एन.एफ.आई.टी.यू. एवं राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर कांग्रेस (R.C.M.C.) पूरे छत्तीसगढ़ में एस.ई.सी.एल. प्रबंधन और सी.एम.डी. के खिलाफ निर्णायक आंदोलन छेड़ेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।”
महापंचायत के निर्णायक संकल्प
आंदोलन पूर्णतः अहिंसक, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक रहेगा।
संघर्ष के लिए प्रत्येक घर से सप्ताह में एक दिन एक मुट्ठी से एक पाव चावल एकत्र किया जाएगा।
न्याय की आवाज देश के सर्वोच्च संवैधानिक मंचों तक पहुँचाने हेतु दिल्ली तक शांतिपूर्ण यात्रा की जाएगी।
राष्ट्रपति महोदया, माननीय प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष न्याय की मांग की जाएगी।
महापंचायत की संपूर्ण जानकारी जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य एवं केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
महापंचायत ने दोहराया कि आदिवासी समाज गरीब हो सकता है, पर कमजोर नहीं। यह संघर्ष किसी व्यक्ति के विरुद्ध नहीं, बल्कि अन्याय, शोषण, दमन और असंवैधानिक नीतियों के विरुद्ध है।
🔥 आदिवासी ज़मीन पर डकैती नहीं चलेगी
🔥 एस.ई.सी.एल. प्रबंधन की तानाशाही नहीं चलेगी
🔥 यह लड़ाई आर-पार की होगी ✊
— जारीकर्ता —
 एन.एफ.आई.टी.यू. एवं राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर कांग्रेस (R.C.M.C.)