वंदे मातरम् संस्था का पारंपरिक और पारस्परिक दिपावली मिलन समारोह

वंदे मातरम मित्र मंडल की 220वीं बैठक दुर्गा मंदिर प्रांगण में संपन्न

प्रियदर्शिनी नगर, बिलासपुर।
वंदे मातरम मित्र मंडल की 220वीं बैठक दीपावली मिलन के साथ प्रियदर्शिनी नगर स्थित दुर्गा मंदिर प्रांगण में संपन्न हुई। बैठक में मदकू द्वीप के पीठाधीश महंत रामरूप दास त्यागी जी महाराज, विभाग संघचालक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राजकुमार सचदेव, सुदर्शन समाज प्रमुख राजकुमार समुद्रे, वार्ड पार्षद ध्रुव कोरी सहित अनेक प्रबुद्ध नागरिक, समाजसेवी एवं शासकीय अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

प्रफुल्ल मिश्र ने महंत रामरूप दास त्यागी जी का जीवन परिचय देते हुए कहा कि “मदकू द्वीप जैसे क्षेत्र में, जहाँ ईसाइयों की बहुलता है, वहाँ हिंदू संस्कृति की अलख जगाए रखना सराहनीय है।” उन्होंने वहाँ एक विशाल दंड संचलन आयोजित करने का आव्हान भी किया।

राजीव अग्रवाल ने कहा कि “हिंदू धर्म के तीन दुश्मन हैं — मुस्लिम, ईसाई और हिंदू स्वयं।” उन्होंने नागरिक कर्तव्यों के पालन के साथ धर्म पालन पर बल देते हुए कहा कि समाज में अस्पृश्यता समाप्त कर सभी पंथों के सनातनियों को एकात्म करना आवश्यक है।

महेंद्र जैन ने संगठन की स्थापना और उसके कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि अगस्त 2021 में बंगाल हिंसा के बाद उपेक्षित, वंचित एवं दलित समाज को सम्मानित करने के उद्देश्य से संगठन की नींव रखी गई। उन्होंने कहा कि “मंदिर और शास्त्र के साथ ही शस्त्र की भी आवश्यकता है।”
उन्होंने बताया कि श्री अरबिंदो संस्थान, जम्मू द्वारा सनातनी एकता में योगदान हेतु वंदे मातरम मित्र मंडल को सम्मानित किया गया है।

राजकुमार समुद्रे ने सनातन समाज में शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि “शिक्षा ही सम्मान और प्रतिष्ठा का मार्ग है। महेंद्र जैन हमारे समाज के सूरज हैं, जिनकी रोशनी समानता के साथ सबको आलोकित करती है।”

राजकुमार सचदेव ने कहा कि वंचित समाज के भवन में संघ की बैठक के माध्यम से गीतों द्वारा राष्ट्रबोध और राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करने का प्रयास किया गया।

महंत रामरूप दास ने अपने जीवन प्रसंग साझा करते हुए बताया कि उन्होंने संघ के प्रचारक के रूप में कार्य प्रारंभ किया और बाद में मदकू द्वीप में संत के रूप में धर्म के प्रचार-प्रसार में योगदान दिया। उन्होंने बताया कि “गीता का उल्लेख सर्वप्रथम मंडूकोपनिषद में हुआ, जहाँ से ‘सत्यमेव जयते’ वाक्य लिया गया है।”

कार्यक्रम में बाल कलाकार तनिष्क वर्मा ने भजनों से सभी का मन मोह लिया।
आभार प्रदर्शन सौरभ दूबे एवं शपथ नरेन्द्र यादव द्वारा किया गया, जबकि राष्ट्रगीत जयसिंह चंदेल ने लिया।

कार्यक्रम के पश्चात दिनेश मुदलियार द्वारा सामूहिक भोज का आयोजन किया गया।

– महेंद्र जैन, प्रदेश अध्यक्ष, वंदे मातरम मित्र मंडल